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हिमाचल, सहकारिता के क्षेत्र में देश का कर रहा पथ प्रदर्शनः उप-मुख्यमंत्री

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Mukesh Agnihotri sahkarita speech

हिमाचल समय, शिमला, 14 सितम्बर ।

सहकारी क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र द्वारा प्रायोजित विभिन्न पहलों पर आज शिमला में हिमाचल प्रदेश सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने हिमाचल प्रदेश को सहकारिता के लिए आदर्श राज्य बताया।

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उन्होंने कहा कि विविधता से पूर्ण हिमाचल में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर पर उन्होंने 121 ई-पैक्स का शुभारंभ भी किया।

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बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में सहकारिता की मुहिम को जन-जन तक पहंुचाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सहकारिता का जनक है और सहकारिता के क्षेत्र में हिमाचल ने देश को एक नई राह दिखाई है।

प्रदेश में सहकारी समितियां बेहतरीन कार्य कर रही हैं। भरोसे का दूसरा नाम सहकारिता है जिसके बल पर प्रदेश की सहकारी समितियों ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित की है तथा सफलता की नई बुलदिंयों को हुआ।

हिमाचल में लगभग 20 लाख लोग सहकारिता से जुड़े हुए हैं और प्रदेश की सहकारी समितियां महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश कर रही है।

वर्तमान में 2,287 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां ग्रामीण वित्तीय समावेशन का कार्य कर रही है। इस दिशा में 6 नई बहुउद्देशीय समितियां गठित की गई हैं।

प्रदेश में 76 समितियां मछली पालन समुदाय, 971 डेयरी समितियां दूध उत्पादन एवं वितरण, 441 समितियां बचत एवं ऋण सुविधा और 386 प्राथमिक विपणन सहकारी समितियां किसानों को अपनी उपज बेचने में मदद कर रही है।

हिमाचल डेयरी क्षेत्र में भी प्रगति के पथ पर अग्रसर है और इस क्षेत्र में 561 नई समितियां गठित की गई है। बैठक मंे उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता को विस्तार प्रदान करने के उद्देश्य से

केंद्र की सहकारी नीतियों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी नीति 2025 का प्रारूप तैयार किया गया हैै। उन्होंने केन्द्रीय राज्य सहकारिता मंत्री से प्रदेश को इस क्षेत्र में उदारतापूर्ण सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।

उन्होंने समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने तथा हिमफैड और मिल्कफैड का डिजिटाइजेशन करने के लिए सहयोग प्रदान करने को कहा।

उन्होंने ऊना जिला के ‘हिमकैप्स कॉलेज ऑफ लॉ’ को शीघ्र वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया। सहकारिता क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए स्थापित की जा रही त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की फीस निर्धारण पर पुनः विचार करने का

भी अनुरोध किया। केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को सहकारिता क्षेत्र में केंद्र द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने पूर्ण साक्षर राज्य की उपलब्धि हासिल करने पर प्रदेश सरकार को बधाई भी दीं।

बैठक में विभिन्न सहकारी समितियों से आए प्रतिनिधियों ने समितियों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। रजिस्ट्रार सहकारी समिति डी.सी. नेगी ने प्रेजेंटेशन दी।

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बैठक में सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव रमन कुमार, हिमाचल प्रदेश सरकार के सचिव सहकारिता सी. पॉलरासु, कॉपरेटिव बैंकों के एम.डी., हिमफैड, मिल्कफैड, इफ्को के वरिष्ठ अधिकार और विभिन्न सहकारिता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।

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