
हिमाचल समय, शिमला, 28 अगस्त।
एचआईवी जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करसोग के सेरी बंगलों स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल, सेरी गांव और काओ गांव में एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
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बीएमओ करसोग डाॅ. गोपाल चैहान की देखरेख में चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान में पीएचसी सेरी बंगलों में, गांव के 120 लोगों के छाती के एक्स-रे भी किए गए। यह एक्स-रे हैंड एक्स-रे मशीन के माध्यम से किए गए। डाॅ. अजय सांगला ने बताया कि इसमें एक्स-रे टेक्निशियन जय कुमार और टीबी सुपरवाइजर
लवली ठाकुर ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिविल अस्पताल करसोग की आईसीटीसी काउंसलर नंदा शर्मा ने महिलाओं और युवाओं को एचआईवी संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि एचआईवी मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंध, दूषित रक्त चढ़ाने, नशे के दौरान एक ही सिरिंज का उपयोग तथा संक्रमित माँ से शिशु में फैलता है। उन्होंने इस बीमारी के लक्षण भी लोगों को बताए।
बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लोग हमेशा सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच करवाएं, केवल नई और स्टरलाइज्ड सुई का ही प्रयोग करें तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं।
नंदा शर्मा ने कहा कि नशे की लत, विशेषकर चिट्टा जैसे खतरनाक मादक पदार्थ, युवाओं को एचआईवी संक्रमण की ओर धकेल रहे हैं। युवाओं को इससे विशेष रूप से सतर्क रहने कर आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी संक्रमित व्यक्ति के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के साथ सहानुभूति और सहयोग का व्यवहार करना चाहिए।
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प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के अंतर्गत 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक प्रदेश के लगभग 6 हजार गांवों और 1500 शिक्षण संस्थानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें अंतर्गत ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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