
हिमाचल समय, सोलन, 26 जुलाई।
सोलन शहर के माल रोड पर इन दिनों पहाड़ी व्यंजनों की दिव्य खुशबू हवा में तैर रही है, जो राहगीरों को अपनी ओर खींचने का काम कर रही है।

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पारंपरिक पहाड़ी स्वाद – पुड़े, सिड्डू और मक्की की रोटी – का आनंद लेने के लिए यहां लोगों की भीड़ जुटी हुई है, और इसका श्रेय जाता है स्थानीय स्वयं सहायता समूह की मेहनती महिलाओं को।
ये महिलाएं न केवल स्वादिष्ट पहाड़ी भोजन परोस रही हैं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’) की जीती-जागती मिसाल भी पेश कर रही हैं। उनके हाथों से तैयार ये व्यंजन न सिर्फ स्वाद में बेमिसाल हैं, बल्कि पूरी तरह शुद्ध और प्राकृतिक भी हैं।
इन पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ, स्वयं सहायता समूह की ये महिलाएं अपने खेतों में पैदा किए गए स्वदेशी उत्पादों को भी लोगों को बेचकर उन्हें उपलब्ध करवा रही हैं।
इन उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें न तो कोई हानिकारक रसायन (केमिकल) मिलाया गया है और न ही किसी प्रकार का मिलावटी रंग। ये पूर्णतः प्राकृतिक, शुद्ध और देसी तरीके से तैयार किए गए हैं
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अगर आप सोलन या आसपास के इलाके में रहते हैं और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के असली स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो माल रोड पर इन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल पर जरूर जाएँ।
यहां आपको न केवल माँ के हाथों जैसा स्वादिष्ट भोजन मिलेगा, बल्कि शुद्ध, स्वदेशी और प्राकृतिक उत्पादों को खरीदकर आप इन मेहनती महिलाओं के आत्मनिर्भरता के सफर में भी योगदान दे सकेंगे। यह स्वाद और स्वावलंबन का अनूठा संगम है।
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