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राजस्थान को बिजली बेचने से प्रदेश को आगामी चार महीनों में 400 करोड़ रुपये की आमदनी होगीः मुख्यमंत्री

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– राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए ठोस कदमः मुख्यमंत्री

हिमाचल समय न्यूज़,

04 नवंबर / चम्बा।

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज चंबा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र के चार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हिमगिरी, थल्ली, जज्जाकोठी तथा मारूंड को सीबीएसई से सम्बद्ध करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, चुराह में विभिन्न पंचायतों के लिए सड़क निर्माण के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की गई।


मुख्यमंत्री ने चुराह विधानसभा क्षेत्र के भंजराड़ू कला मंच में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणाएं कीं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अब राजस्थान को 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेचने का समझौता किया है जिससे आगामी चार माह में प्रदेश को 400 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे को बंद कर राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने केन्द्र से 180 मेगावाट की बैरास्यूल जलविद्युत परियोजना के संचालन के 44 वर्ष पूर्ण होने के परिणामस्वरूप इसमें निःशुल्क बिजली की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की पुरजोर पैरवी की है।
उन्होने कहा कि वाइल्ड फ्लॉवर हॉल शिमला का मामला वर्ष 2003 से लंबित था और इस मामले में प्रदेश सरकार ने प्रभावी कानूनी पैरवी करते हुए जीत हासिल की। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार को 401 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि अब ई-नीलामी के माध्यम से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 37 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 23 वर्र्षाें में इस संपत्ति से प्रदेश को कोई राजस्व प्राप्त नहीं हुआ था, लेकिन अब इससे होने वाली आय जन हित के कार्यों पर खर्च की जाएगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार कोई सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम तथा मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य दे रही है, जो पहले की दरों से लगभग दोगुना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्थायी और मौसमी जनजातीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जनजातीय क्षेत्रों ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल, सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय, शिक्षा के उत्कृष्ट संस्थान, पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति आदि ठोस कदम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो से तीन सीबीएसई स्कूल खोले हैं तथा सरकार ने मेरिट के आधार पर 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में 100 से अधिक और सीबीएसई स्कूल खोलने जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के शिक्षा में लाए गए सुधारों के फलस्वरूप वर्ष 2025 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मामले में हिमाचल प्रदेश देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना कई स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थान खोल दिए थे। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों का युक्तिकरण किया है और शिक्षकों के हजारों रिक्त पद भरे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और सुशासन के मोर्चे पर विफल रही। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश दौरे के दौरान घोषित 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार संसाधन सृजन और भ्रष्टाचार को समाप्त कर प्रदेश को समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले माह से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस योजना से चुराह विधानसभा क्षेत्र की लगभग 15 हजार महिलाएं लाभान्वित होंगी।
इस अवसर पर कांग्रेस के महासचिव तथा स्थानीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना ने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र को पहले पिछड़ा विधानसभा क्षेत्र माना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल आपूर्ति सहित सभी क्षेत्रों में इसका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने समाज के कमजोर वर्गों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई ऐतिहासिक एवं अभिनव पहलों की शुरूआत की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुराह क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक जरूरतों से भी अवगत करवाया।
इस अवसर पर प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रधान भूपिंद्र ठाकुर तथा प्रकाश बटाली ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज, जिला परिषद अध्यक्ष रेखा ठाकुर और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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