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SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस का दुष्प्रचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास : भाजपा सोलन शहरी मंडल

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भावना ठाकुर,

02 नवंबर / सोलन।

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भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध और भ्रामक प्रचार की कड़े शब्दों में निंदा की है।

मंडल अध्यक्ष ने कहा कि SIR कोई नई या राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि मतदाता सूचियों को पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से की जाने वाली एक संवैधानिक प्रक्रिया है। लंबे अंतराल के बाद शुरू हुए इस पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनमें संबंधित मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, वे अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, उनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं अथवा बार-बार प्रयास करने के बावजूद वे BLO के संपर्क में नहीं आ पाए।

देशभर में लगभग 13.30 करोड़ नाम प्रारूप मतदाता सूचियों से हटाए जाने को लेकर राहुल गांधी द्वारा इसे कथित वोट चोरी से जोड़ना और लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कहना राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास है। यह समझना आवश्यक है कि प्रारूप सूची से हटाए गए सभी नाम गलत तरीके से हटाए गए नाम नहीं हैं। इनके पीछे मृत्यु, स्थान परिवर्तन, दोहरी प्रविष्टियां और मतदाताओं का पता न चल पाना जैसे विभिन्न कारण शामिल हैं।

मंडल अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA और INDIA गठबंधन के बीच लगभग 3 प्रतिशत वोट शेयर के अंतर का हवाला देकर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने तक की मांग कर रहे हैं। जबकि केवल इन दोनों आंकड़ों की तुलना करके वोट चोरी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।

तथ्यों की बात करें तो ज्ञानेश कुमार ने 15 मार्च 2024 को निर्वाचन आयुक्त का कार्यभार संभाला था तथा 19 फरवरी 2025 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त बने। बिहार में SIR की शुरुआत जून 2025 में हुई और इसके बाद देशव्यापी प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसलिए इस पूरी प्रक्रिया को लेकर तथ्यों और समयक्रम को सही ढंग से प्रस्तुत करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, संवैधानिक व्यवस्थाओं और जनादेश का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है। प्रत्येक चुनाव के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना और जनता के बीच अविश्वास पैदा करना किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देता।

भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक विरोध की भावना का सम्मान करती है। विरोध लोकतंत्र का अभिन्न अंग है, लेकिन विरोध तथ्यों, तर्कों और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। निराधार आरोपों और संस्थाओं को बदनाम करने के प्रयासों से लोकतंत्र मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर होता है।

भाजपा सोलन शहरी मंडल राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह करता है कि वे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की बजाय आत्मचिंतन करें और देश की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान का भाव रखें। राहुल गांधी जी तर्कहीन राजनीति करने के बजाय तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखें। देश की जनता को भ्रमित करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।

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