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केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलें भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के परिदृश्य को नई दिशा दे रही हैं: कविन्द्र गुप्ता

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– पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन में की शिरकत

हिमाचल समय न्यूज़,

30 अक्टूबर / पालमपुर।

Jeevan Ayurveda Clinic

भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के उद्देश्य से अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, स्वास्थ्य बीमा के व्यापक दायरे, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा डिजिटल तकनीक के समावेश से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसका विशेष लाभ ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है।


यह बात राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन एवं हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा यह परिवर्तन केवल चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना तथा विकास प्रक्रिया के केंद्र में नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देना है।
राज्यपाल ने कहा कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी योजनाएं देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अंतिम व्यक्ति तक किफायती चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत योजना के स्वास्थ्य कवरेज के विस्तार को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की 320 नई सीटें स्वीकृत किए जाने तथा इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 415 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
राज्यपाल ने नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी, हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी तथा पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन को इस सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावसायिक अनुभव और नवीन चिकित्सा पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। इससे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहायता मिलती है।
श्री गुप्ता ने नेत्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंखों की रोशनी की रक्षा करना और रोकी जा सकने वाली अंधता की रोकथाम करना केवल चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों की व्यावसायिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता की महान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि नैदानिक तकनीकों में प्रगति, आधुनिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं, रेटिना संबंधी उपचारों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सहित उभरती तकनीकों ने नेत्र रोगों की शीघ्र पहचान और उपचार के नए अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की वास्तविक सफलता इसी में निहित है कि इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

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