भावना ठाकुर,
29 अक्टूबर / सोलन।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के ‘शूलिनियन्स फॉर यू’ (SFY) ने ‘यूवीकैन’ (YouWeCan) के साथ मिलकर ‘पिंक अक्टूबर’ अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से लगभग 2,000 लोगों तक स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करना और बीमारी की समय पर पहचान के महत्व को समझाना था।

20 सितंबर से 19 अक्टूबर तक चले इस अभियान के दौरान लगभग २००० महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा, शूलिनी यूनिवर्सिटी, आरकेएमवी शिमला, सनहोल पंचायत और सोलन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के तहत स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया और महिलाओं को स्वयं स्तन की जांच करने के तरीके बताए गए। जागरूकता सत्रों के साथ-साथ ‘निरामाई’ (NIRAMAI) तकनीक की मदद से स्क्रीनिंग कैंप भी लगाए गए। सोलन में आयोजित एक अन्य कैंप में लगभग 30 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। आरकेएमवी में हुए जागरूकता कार्यक्रमों से लगभग 700 छात्र, शिक्षक और कर्मचारी जुड़े। शूलिनी यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के छात्रों और शिक्षकों ने भी इस अभियान में भाग लिया।
छात्रों को अभियान से जोड़ने के लिए SFY ने ‘पिंक डे’ मनाया। इसके तहत पिंक स्टॉल, पिंक वॉक, रचनात्मक प्रतियोगिताएं, पिंक स्पोर्ट्स डे, पिंक ई-स्पोर्ट्स और पिंक क्वेस्ट जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। पिंक स्टॉल से होने वाले मुनाफे का 30 प्रतिशत हिस्सा SFY और ‘यूवीकैन’ के स्क्रीनिंग कैंपों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लिए रखा गया।
शूलिनी यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की निदेशक पूनम नंदा ने कहा, “स्तन कैंसर का समय पर पता चलने से इसका सफल इलाज संभव हो सकता है। इसके बावजूद कई महिलाएं इस बारे में बात करने या जांच कराने से हिचकिचाती हैं। ‘पिंक अक्टूबर’ अभियान के माध्यम से हमने जागरूकता का संदेश कक्षाओं से बाहर निकालकर गांवों, कॉलेजों और कार्यस्थलों तक पहुंचाया है। SFY के स्वयंसेवकों ने इस अभियान में पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ काम किया। हम इस पहल में सहयोग के लिए ‘यूवीकैन’ के आभारी हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि SFY भविष्य में भी जागरूकता और स्क्रीनिंग से जुड़े कार्यक्रम जारी रखेगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और समय पर चिकित्सकीय जांच करवाएं






