भूपेंद्र ठाकुर,
23 अक्टूबर / रामपुर बुशहर (शिमला)।
आज दिनांक 23 अक्टूबर, 2026 को मिनी सचिवालय, रामपुर बुशहर में रैम्प योजना के अंतर्गत स्मार्ट एमएसएमई विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की विश्व बैंक समर्थित रैम्प परियोजना के तहत आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को उद्योग 4.0 की आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है।

कार्यक्रम में उद्योग विभाग से विस्तार अधिकारी श्री यशपाल शर्मा उपस्थित रहे। कार्यशाला में 30 से अधिक स्थानीय उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
तकनीकी सत्र में अभिलक्ष लौ द्वारा स्मार्ट एमएसएमई योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्लाउड आधारित उद्यम संसाधन नियोजन प्रणाली (ईआरपी), मशीनों के स्वास्थ्य की निगरानी, ऊर्जा प्रबंधन और रोबोटिक स्वचालन जैसी तकनीकों से कारखानों में उत्पादन लागत को कम किया जा सकता है, मशीनों में होने वाली खराबियों को पहले से रोका जा सकता है, बिजली की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है और उत्पादों की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
इस दौरान उपस्थित उद्योगों को स्मार्ट तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी दिखाया गया। योजना के तहत इच्छुक कारखानों का निःशुल्क तकनीकी सर्वेक्षण किया जा रहा है और चयनित इकाइयों में प्रायोगिक परियोजनाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष सहायता दी जा रही है।








