हिमाचल समय न्यूज़,
18 अक्टूबर / मंडी।
प्रदेश सरकार की श्रमिकों और उनके परिवार के कल्याण के लिए संचालित योजनाएं जरूरत के समय आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के उपमंडल सुंदरनगर कार्यालय के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों तथा उनके परिवारों को शिक्षा, विवाह, चिकित्सा, मातृत्व-पितृत्व सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।

सुंदरनगर उपमंडल के गांव कांगर की हिमा देवी भी ऐसी ही योजना से लाभान्वित हुई हैं। मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाली हिमा देवी के लिए बेटे की शादी पर मिली आर्थिक सहायता काफी उपयोगी साबित हुई।
सरकार की सहायता से कम हुआ आर्थिक बोझ
हिमा देवी ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी पहले ही हो चुकी है, जबकि छोटे बेटे के विवाह के लिए उन्हें 15 अगस्त, 2026 को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर मिली इस सहायता से उनके परिवार को काफी राहत मिली और शादी के खर्च का बोझ कम करने में मदद मिली।
हिमा देवी ने प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रमिक परिवारों के हित में संचालित कल्याणकारी योजनाएं जरूरत के समय बड़ी राहत प्रदान करती हैं। आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर इस प्रकार की सहायता काफी उपयोगी साबित होती है।
सुंदरनगर में 2,880 श्रमिक पंजीकृत
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 31 अगस्त, 2026 तक सुंदरनगर उपमंडल में कुल 2,880 श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इस अवधि में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए 553 श्रमिकों को करीब 2.16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
इसमें वर्ष 2023-24 में विभिन्न योजनाओं के तहत 17.34 लाख रुपये, वर्ष 2024-25 में 88.99 लाख रुपये तथा वित्त वर्ष 2025-26 में 49.29 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। वहीं, एक अप्रैल से 31 अगस्त, 2026 तक 60.66 लाख रुपये की सहायता श्रमिकों को दी गई है।
पांच महीनों में विवाह सहायता के रूप में 51 लाख रुपये
वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में विवाह सहायता योजना के तहत 100 लाभार्थियों को 51 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मातृत्व-पितृत्व सहायता के तहत 21 लाभार्थियों को 7.03 लाख रुपये, मृत्यु सहायता के तहत एक लाभार्थी को 2.20 लाख रुपये, हॉस्टल सहायता के तहत दो लाभार्थियों को 40 हजार रुपये तथा चिकित्सा सहायता के तहत एक लाभार्थी को 3,379 रुपये प्रदान किए गए हैं।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करवाने का आह्वान
जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ठाकुर ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कर ई-श्रम कार्ड बनवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए श्रमिक की आयु 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा बैंक खाते का विवरण आवश्यक है। पात्र श्रमिक स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं अथवा निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-श्रम कार्ड बनवा सकते हैं।
उन्होंने श्रमिकों से आह्वान किया कि वे पात्रता के अनुसार संबंधित योजनाओं के लिए पंजीकरण करवाएं और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए श्रमिक श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय, मंडी या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।








