भावना ठाकुर,
14 सितंबर / कुनिहार (सोलन)।
कुनिहार, सोलन। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल कुनिहार में 12 एवं 13 सितंबर, 2026 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), पंचकूला के तत्वावधान में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “Science – Secondary Domain-2” रहा।

कार्यशाला का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। ज्ञान एवं प्रकाश के प्रतीक दीप प्रज्वलन के पश्चात कार्यक्रम को विधिवत रूप से आगे बढ़ाया गया। विद्यालय परिवार ने संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागी शिक्षकों का हार्दिक स्वागत किया।
कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति सुश्री एकता शर्मा एवं श्री अंकित राणा ने शिक्षकों को विज्ञान विषय के प्रभावी, नवाचारपूर्ण एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण की विभिन्न विधियों से अवगत करवाया। उन्होंने आधुनिक शिक्षण-पद्धतियों, विषयगत अवधारणाओं तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
दोनों दिवसों के दौरान विभिन्न गतिविधियों, समूह-कार्य, संवादात्मक सत्रों एवं व्यावहारिक अभ्यासों का आयोजन किया गया। प्रतिभागी शिक्षकों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से शिक्षकों के ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि हुई तथा उन्हें कक्षा-कक्ष में अधिक प्रभावी एवं रचनात्मक शिक्षण के लिए प्रेरणा मिली।
विद्यालय प्रधानाचार्या श्रीमती अल्का भारद्वाज जी ने संसाधन व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शिक्षकों को निरंतर सीखने, नवीन शिक्षण तकनीकों को अपनाने तथा अपने व्यावसायिक कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यालय की ओर से सुश्री एकता शर्मा एवं श्री अंकित राणा को सुंदर फ्लावर पॉट भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद प्रकट किया।
प्रधानाचार्या ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक का सतत् सीखना ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्राप्त नवीन ज्ञान एवं अनुभव विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम को और अधिक प्रभावशाली बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
विद्यालय निदेशक श्री समीर गर्ग एवं श्रीमती अदिति गर्ग जी ने भी अपने संदेश में कहा कि वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षकों का निरंतर क्षमता संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण-पद्धतियों एवं शैक्षिक नवाचारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संसाधन व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागी शिक्षकों को शुभकामनाएँ दीं तथा कहा कि दक्ष, जागरूक एवं नवाचारी शिक्षक ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त निर्माण कर सकते हैं।
कार्यशाला के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्या एवं आयोजन समिति का हार्दिक धन्यवाद किया। यह दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम ज्ञान, नवाचार, सहभागिता एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का सार्थक मंच सिद्ध हुआ तथा सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव रहा।








