भावना ठाकुर,
05 सितंबर / परवाणू (सोलन)।
प्राकृतिक आपदा के बीच जहां प्रदेशभर में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं, वहीं औद्योगिक नगर परवाणू के सेक्टर-4 में पेयजल संकट के बीच पानी की सप्लाई को लेकर विवाद गहरा गया। बारिश के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। नगर परिषद की ओर से टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन आईएचएसडीपी कॉलोनी में पानी भरने को लेकर स्थानीय निवासियों और किराएदारों के बीच नोकझोंक का मामला सामने आया है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पानी की सीमित सप्लाई के बावजूद कुछ किराएदार सीधे मोटर लगाकर पानी खींच रहे हैं। इससे विशेषकर ऊपरी मंजिलों में रहने वाले परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर सेक्टर-4 स्थित आईएचएसडीपी कॉलोनी में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई।
32 टैंकरों से भरा गया मुख्य टैंक
सेक्टर-4 के चेयरमैन ठाकुर दास ने बताया कि पेयजल संकट को देखते हुए राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। शुक्रवार को सभी बैरियरों में पानी चढ़वाने के बाद शनिवार को मुख्य टैंक भरने के लिए 32 विशेष टैंकरों की व्यवस्था की गई। इनमें से 29 टैंकर पानी सप्लाई लाइन में उतार दिए गए, जबकि तीन टैंकरों से पानी भरने का कार्य जारी रहा। उनका प्रयास है कि उपलब्ध पानी को व्यवस्थित तरीके से सभी घरों तक पहुंचाया जा सके।
अपील के बावजूद चलती रहीं मोटरें
आईएचएसडीपी कॉलोनी के स्थायी निवासियों का कहना है कि उन्होंने किराएदारों से अपील की थी कि पानी का प्रेशर अच्छा होने के कारण कुछ समय के लिए डायरेक्ट मोटर और पाइप का इस्तेमाल न करें। यदि सभी लोग संयम बरतें तो छतों पर लगी पानी की टंकियां भर सकती हैं और ऊपरी मंजिलों तक भी पानी पहुंच सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसके बावजूद कुछ लोगों ने सीधे मोटरें चला दीं। आरोप है कि पानी के संकट के बीच ड्रम और अन्य बर्तन भरने के साथ कपड़े धोने तथा साफ-सफाई में भी पानी का इस्तेमाल किया गया। इससे पानी की किल्लत झेल रहे अन्य परिवारों में रोष फैल गया।
ब्लॉक नंबर-4 में बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद का केंद्र ब्लॉक नंबर-4 का बी-4 कमरा रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां किराए पर रह रही एक महिला ने सीधे मोटर लगा रखी थी। पड़ोसियों द्वारा मोटर हटाने और पानी की पाइप साझा करने का आग्रह किए जाने पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई।
ऊपरी मंजिलों के परिवार परेशान
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निचली मंजिलों पर मोटर के जरिए पानी खींचे जाने के कारण तीसरी और चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। आपदा की इस घड़ी में लोगों ने पानी का संयमित उपयोग करने और जरूरतमंद परिवारों तक भी पानी पहुंचाने की अपील की है।

कॉलोनी के मूल खरीदारों ने प्रशासन और सेक्टर-4 के चेयरमैन ठाकुर दास से मांग की है कि पेयजल संकट के दौरान पानी की बर्बादी और कथित तौर पर अवैध तरीके से पानी खींचने की शिकायतों की जांच की जाए। साथ ही, यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के इस कठिन दौर में पानी जैसी मूलभूत जरूरत को लेकर विवाद के बजाय सभी को सहयोग और संयम का परिचय देना चाहिए, ताकि सीमित संसाधनों में हर परिवार तक पेयजल पहुंचाया जा सके।








