भावना ठाकुर,
31 अगस्त / सोलन।
सोलन जिला मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के रेस्ट हाउस का दृश्य इन दिनों पूरी तरह बदल गया है। जो रेस्ट हाउस कभी वाहनों से भरा रहता था, वहां अब सन्नाटा पसर गया है। शनिवार की रात को जारी फरमान के बाद रेस्ट हाउस के आंगन से सभी निजी गाड़ियाँ गायब हो गई हैं, और ऐसा नजारा शायद ही कभी पहले देखने को मिला हो।

दरअसल, प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि अब रेस्ट हाउस में कोई भी निजी वाहन खड़ा नहीं होगा। इस आदेश के बाद यहां पार्क सभी गाड़ियों को तुरंत खाली करवा दिया गया। बताया जा रहा है कि बीते दिनों हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि निजी वाहनों की अधिकता की वजह से रेस्ट हाउस में ठहरने वाले अधिकारियों एवं मेहमानों को पार्किंग की जगह नहीं मिल पाती थी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।
इस फैसले का सबसे अधिक असर राजनीतिक हस्तियों पर देखने को मिला है। भाजपा व कांग्रेस के कई नेता नियमित रूप से यहां अपनी गाड़ियाँ पार्क करते थे और रेस्ट हाउस में ही घंटों बैठकर सियासी रणनीतियाँ साधा करते थे। धीरे-धीरे सोलन का यह रेस्ट हाउस ‘राजनीति का अखाड़ा’ बन चुका था, लेकिन पार्किंग बंद होते ही ये नेता भी यहाँ से गायब हो गए। वहीं, शहर के कुछ स्थानीय लोग भी इस बदलाव से प्रभावित हुए हैं, क्योंकि उनकी भी कई गाड़ियाँ यहाँ नियमित रूप से पार्क रहती थीं।
हालांकि, पार्किंग बंद किए जाने के बाद अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनने की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल विभाग इस फैसले पर अमल कर रहा है।

इस मामले में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा, “पिछली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। कुछ लोग अपने निजी वाहन लगातार यहाँ खड़े कर रखते थे, जिससे रेस्ट हाउस में आने वाले सरकारी मेहमानों को काफी परेशानी हो रही थी। इसी समस्या के समाधान के लिए यह कड़ा लेकिन आवश्यक निर्णय लिया गया है।”








