
हिमाचल समय, शिमला, 01 जुलाई ।
एसजेवीएन ने अपनी 900 मेगावाट अरुण-III जलविद्युत परियोजना से विद्युत की आपूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के साथ विद्युत बिक्री समझौते (पीएसए) पर हस्ताक्षर किए।

प्रदेश में आपदा ने बहुत गहरे घाव दिए, पीड़ितों के प्रति संवेदनाएँ : जयराम ठाकुर
इसके साथ ही, कंपनी ने यूपीपीसीएल के साथ अपनी आगामी 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-I और 382 मेगावाट सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजनाओं से विद्युत की आपूर्ति के लिए विद्युत क्रय समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए ।
एसजेवीएन संपर्क कार्यालय, नई दिल्ली में भूपेंद्र गुप्ता , अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) तथा सुशील शर्मा, निदेशक (परियोजनाएं) की गरिमामयी उपस्थिति में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर, भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) ने कहा कि ये समझौते स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन एवं शहरी उपभोक्ताओं के लिए विद्युत की बुनियादी संरचना को सुदृढ़ करने के लिए एसजेवीएन की प्रतिबद्धता को
साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। पीएसए पर आर.के. गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत ट्रेडिंग), एसजेवीएन तथा दीपक रायजादा, निदेशक (कारपोरेट योजना), यूपीपीसीएल द्वारा हस्ताक्षर किए गए तथा पीपीए पर अशोक
कुमार, महाप्रबंधक (सीएंडएसओ), एसजेवीएन तथा दीपक रायजादा, निदेशक (कारपोरेट आयोजना), यूपीपीसीएल द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
900 मेगावाट की अरुण-III जलविद्युत परियोजना नेपाल के संखुवासभा जिले में एसजेवीएन द्वारा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एसएपीडीसी) के माध्यम से विकसित
की जा रही है। कमीशनिंग होने पर यह परियोजना 900 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादित करेगी और देश की बढ़ती विद्युत मांग को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना की कमीशनिंग वित्तीय वर्ष 2027-28 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-I जलविद्युत परियोजना और 382 मेगावाट सुन्नी डैम जलविद्युत
परियोजना किफायती एवं पर्यावरण हितैषी साधनों के माध्यम से देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही,
ये परियोजनाएँ राष्ट्रीय ग्रिड में 592 मेगावाट हरित ऊर्जा की वृद्धि करेंगी। ये जलविद्युत परियोजनाएं प्रतिवर्ष 2140 मि.यू. बिजली उत्पादित करेंगी। दोनों परियोजनाओं की दिसंबर, 2028 तक कमीशन होने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, एसजेवीएन ने 382 मेगावाट सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना से बिजली की आपूर्ति हेतु एनडीएमसी मुख्यालय,
रावमापा धनेटा में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएससी पाठ्यक्रम शुरू होगाः मुख्यमंत्री
नई दिल्ली में नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के साथ एक विद्युत क्रय समझौते (पीपीए) पर भी हस्ताक्षर किए। पीपीए पर
अशोक कुमार, महाप्रबंधक (सीएंडएसओ), एसजेवीएन एवं ब्रजेश कुमार यादव, अधीक्षण अभियंता (विद्युत), एनडीएमसी ने हस्ताक्षर किए।
ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com








