भूपेंद्र ठाकुर,
27 जुलाई / शिमला।
शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अपने अभियान को और तेज करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस थाना रोहड़ू के अभियोग संख्या 05/2026 (दिनांक 02.02.2026) के तहत धारा 21, 25, 29, 27A NDPS Act एवं 238 BNS में वित्तीय अन्वेषण (Financial Investigation) को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए अवैध मादक पदार्थों से अर्जित लगभग ₹17 लाख की संपत्ति को फ्रीज/जब्त करने के आदेश पारित किए गए हैं।

गौरतलब है कि इसी अभियोग में पंजाब निवासी जशनदीप सिंह एवं धर्मप्रीत सिंह को महेन्दली पुल के पास उनकी टैक्सी से 83 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था, एवं उक्त वाहन को भी जब्त किया गया था। जांच के दौरान बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया तथा उनके विरुद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
वित्तीय अन्वेषण में यह स्थापित हुआ कि पूर्व में गिरफ्तार आरोपी शुभम दरकाल (निवासी चिड़गांव) ने नशा तस्करी से अर्जित अवैध आय से एक लक्जरी वाहन खरीदा था, एवं मामले में बरामद नकद राशि भी अवैध आय पाई गई। इसके आधार पर NDPS Act के तहत लगभग ₹17 लाख की अवैध संपत्ति (लक्जरी वाहन एवं नकदी) को जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय उपलब्धि:
वर्ष 2026 में जिला पुलिस शिमला द्वारा वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अब तक 7 मामलों में 25 आरोपियों की कुल ₹4.29 करोड़ की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं – जो पूरे हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई सर्वाधिक संपत्ति जब्ती है। इसके विपरीत, वर्ष 2024 एवं 2025 में जिला शिमला में इस प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब मिशन मोड में चल रही इस कार्रवाई के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।

जिला पुलिस शिमला का स्पष्ट संदेश है कि नशा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी ही नहीं की जाएगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें विधि अनुसार जब्त किया जाएगा – ताकि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।








