भूपेंद्र ठाकुर,
14 जुलाई / शिमला।
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि समूचा विश्व विश्व जलवायु परिवर्तन, तापमान में वृद्धि और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन वैश्विक समस्याओं का सबसे सरल और प्रभावी समाधान व्यापक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित कर पौधरोपण अभियानों का संचालन करना है।

राज्यपाल आज शिमला के निकट जतोग छावनी क्षेत्र में प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधरोपण अभियान के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने छावनी परिसर में ‘अराउकारिया’ का पौधा रोपित कर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी, केंद्रीय विद्यालय जतोग और जतोग छावनी बोर्ड को इस अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान केवल एक पौधरोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और राष्ट्रीय जन आंदोलन है। यह भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रतिबिंबित कर प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता के भाव को व्यक्त कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार एक मां हमें प्रेम, स्नेह, सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी हमें स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, छाया, फल तथा पर्यावरणीय संतुलन देकर जीवन का आधार बनते हैं। अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाना जीवन और प्रकृति दोनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सार्थक माध्यम है।
भारत की समृद्ध पर्यावरणीय परंपरा का उल्लेख करते हुए राजयपाल ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने सदैव प्रकृति को पूजनीय माना है। वेदों और उपनिषदों में पृथ्वी को मां का दर्जा तथा वृक्षों को जीवनदाता बताया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक पेड़ मां के नाम अभियान आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने वन संपदा, हिमालय की पर्वतमालाओं, नदियों तथा समृद्ध जैव विविधता से नवाजा है। यह राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसकी रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।








