Home डेली न्यूज़ “तकनीक बने सहायक, स्वामी नहीं” — गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल सोलन में मॉडल...

“तकनीक बने सहायक, स्वामी नहीं” — गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल सोलन में मॉडल पंचायत एवं अंतर-गृह प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिया जागरूकता का संदेश

9
0


भावना ठाकुर,

24 मई / सोलन।

Jeevan Ayurveda Clinic

गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन में 23 मई, 2026 को विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न अंतर सदनीय प्रतियोगिताओं का भव्य एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक एवं गैजेट्स के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर आयोजित मॉडल पंचायत अंतर सदनीय प्रतियोगिता का विषय था — “समाज में तकनीक”। विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने सरपंच एवं पंच की भूमिकाओं का अत्यंत प्रभावशाली एवं जीवंत मंचन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने पंचायत की कार्यवाही के माध्यम से आधुनिक समाज में तकनीक की बढ़ती भूमिका तथा उसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों पर गंभीर चर्चा प्रस्तुत की।
विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया कि तकनीक मानव जीवन को सरल एवं सुविधाजनक बनाने का माध्यम है, परंतु उसका अत्यधिक उपयोग मनुष्य को मानसिक एवं शारीरिक रूप से कमजोर बना सकता है। प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल फोन, वीडियो गेम एवं सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में इस प्रकार खोती जा रही है कि वह वास्तविक जीवन के अनुभवों, खेलकूद एवं पारिवारिक मूल्यों से दूर होती जा रही है।


प्रतिभागियों ने चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि गैजेट्स का अत्यधिक उपयोग आँखों की कमजोरी, तनाव, अनिद्रा, एकाग्रता में कमी एवं सामाजिक अलगाव जैसी अनेक समस्याओं को जन्म दे रहा है। विद्यार्थियों ने सभी को यह प्रेरणादायक संदेश दिया कि हमें तकनीक का उपयोग ज्ञान, शिक्षा एवं आवश्यक मनोरंजन के लिए करना चाहिए, न कि उसके “गुलाम” बनना चाहिए।
इसी क्रम में कक्षा तृतीय एवं चतुर्थ के विद्यार्थियों के लिए “Gadgets Made Us Slaves — Advantages and Disadvantages” विषय पर अंतर-गृह प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। नन्हे विद्यार्थियों ने अपने मासूम किंतु प्रभावशाली शब्दों एवं आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने अत्यंत सरल एवं प्रभावी ढंग से बताया कि गैजेट्स जहाँ शिक्षा एवं जानकारी प्राप्त करने में सहायक हैं, वहीं उनका अत्यधिक उपयोग बच्चों को खेलकूद, प्रकृति एवं सामाजिक मेलजोल से दूर कर रहा है।
छोटे विद्यार्थियों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति, स्पष्ट उच्चारण एवं जागरूक विचारों ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं अभिभावकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ उसके जिम्मेदार उपयोग के महत्व को भी भली-भाँति समझती है।
विद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करती हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता अत्यंत प्रशंसनीय रही।
यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता रहा, बल्कि विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों के लिए एक प्रेरणादायक सामाजिक संदेश भी बनकर उभरा कि —
“तकनीक का संतुलित उपयोग ही स्वस्थ, सफल एवं जागरूक समाज की पहचान है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here