Home राजनीतिक हरियाणा कांग्रेस ने अपनाई ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’: विधायकों को हिमाचल भेजने की तैयारी,...

हरियाणा कांग्रेस ने अपनाई ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’: विधायकों को हिमाचल भेजने की तैयारी, क्रॉस-वोटिंग रोकने की कवायद

20
0

भूपेंद्र ठाकुर /शिमला: हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कोई जोखिम न लेते हुए ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ का सहारा लिया है। पार्टी ने क्रॉस-वोटिंग की संभावना को देखते हुए अपने सभी 37 विधायकों को हिमाचल प्रदेश के एक रिजॉर्ट में भेजने की योजना बनाई है, ताकि उन्हें एकजुट रखा जा सके और विपक्षी पार्टियों की सदस्यों से कोई संपर्क न हो सके।

Jeevan Ayurveda Clinic

सूत्रों के अनुसार, विधायकों को शुक्रवार दोपहर को चंडीगढ़ स्थित नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा के आवास पर बुलाया गया, जहां एक बैठक और दोपहर भोजन का आयोजन किया गया। इसके बाद विधायकों को दो लग्जरी बसों से हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया।विधायकों को पांच जोड़ी कपड़े साथ लाने के निर्देश दिए गए थे, जिससे साफ हो गया कि वे कुछ दिन बाहर रहेंगे। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद भी विधायकों के साथ हिमाचल गए हैं।

हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और राज्यसभा की दो सीटों में से एक पर जीत के लिए 31 वोटों की आवश्यकता है। गणित के अनुसार कांग्रेस अपने दम पर अपने उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को जिताने की स्थिति में है। लेकिन मुकाबले में तीसरे उम्मीदवार के उतरने से समीकरण बदल गए हैं। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में आने से क्रॉस-वोटिंग की आशंका पैदा हो गई है, क्योंकि नांदल को जीत के लिए कांग्रेस के कम से कम आठ विधायकों के वोटों की जरूरत है।

पार्टी को 2022 के राज्यसभा चुनाव में अजय माकन की हार और 2016 में स्याही कांड के कारण 12 वोट अमान्य होने का कड़वा अनुभव है, जिसके चलते पार्टी का उम्मीदवार हार गया था। इन पिछली गलतियों से सबक लेते हुए कांग्रेस इस बार कोई मौका नहीं लेना चाहती।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ का यह दांव विधायकों को विपक्षी पार्टियों के संपर्क में आने से रोकने और उन्हें पार्टी लाइन पर बनाए रखने की एक आम रणनीति है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण वहां विधायकों को सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा और पार्टी नेतृत्व उन्हें वोटिंग का प्रशिक्षण भी दे सकेगा। हालांकि, पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई और बादली के विधायक कुलदीप वत्स जैसे कुछ विधायक पारिवारिक कारणों से इस यात्रा में शामिल नहीं होंगे।

हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जिससे उसके उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। असली मुकाबला कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय सतीश नांदल के बीच है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here