Home मौसम प्रदेश में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में भारी नुकसान

प्रदेश में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में भारी नुकसान

140
0
#HimachalRain
भारी बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

हिमाचल समय, शिमला, 24 अगस्त।

हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

Jeevan Ayurveda Clinic

गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, सोलन में राजनीति विज्ञान विषय पर दो दिवसीय CBSE प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

हालांकि, राहत की बात यह है कि इन घटनाओं में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

चंबा में बादल फटने से फ्लैश फ्लड चंबाजिले के प्रसिद्ध हिल-स्टेशन डलहौजी के निकट तलाई गाँव में सुबह करीब 10 बजे भारी बारिश के कारण बादल फटने जैसे हालात उत्पन्न हो गए।

इससे आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में एक रेन शेल्टर और एक इमारत पूरी तरह से बह गई। जब यह पानी गुनियाला गाँव पहुँचा, तो वहाँ खड़ी कई वाहनों और बिजली के ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुँचा।

ऊना और सोलन में तबाही ऊनाजिले में भी बारिश ने कहर बरपाया। अंब की धंधड़ी और टकारला पंचायतों में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया। टकारला गाँव में एक नाले में जलस्तर बढ़ने से पास के पुल को क्षति पहुँची और लगभग 100 से अधिक घरों के साथ-साथ स्थानीय स्कूल में भी पानी घुस गया।

वहीं, सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ की मुख्य सड़क (फोरलेन) मात्र दो घंटे की बारिश के बाद ही जलमग्न हो गई। मलपुर इलाके में पानी भरने से कई बसें, ट्रैवलर और अन्य वाहन फंस गए, जिन्हें बाद में ट्रैक्टरों की सहायता से सुरक्षित निकाला गया।

dcp ad

मणिमहेश यात्रा पर रोक

चंबा में लगातार हो रहे भूस्खलन और नालों में उफान के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से मणिमहेश यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।

सुंदरासी ग्लेशियर प्वाइंट पर हुए भूस्खलन के कारण श्रद्धालुओं को जमाडू पुल से आगे गौरीकुंड जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्थिति के सामान्य होने तक किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न लें।

कुल्लू में निवासियों को सुरक्षित निकाला गया कुल्लूजिले के आनी उपमंडल की देऊठी पंचायत के जौह गाँव में भूस्खलन के कारण जमीन में दरारें आ जाने से संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नौ घरों को खाली करा लिया है। इन परिवारों को एक नजदीकी स्कूल में अस्थायी शिविर में किया गया है।

भारत-चीन शिपकी-ला दर्रे के माध्यम से सीमा व्यापार खोलने पर सहमत हुए

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here