
सोलन, 15 जुलाई 2025।
दयानंद आदर्श विद्यालय, सोलन के प्रांगण में आज इंटर-हाउस ग्रुप डांस प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बड़े उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया।

राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित….
इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि Dr. स्वाति बिंदल गाँधी, बालमुकुंद हॉस्पिटल, एपेक्स सोलन से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि का स्वागत विद्यालय की प्रधानाचार्या ऊषा मित्तल, आर्य समाज के पदाधिकारीगण एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं दुशाला भेंट कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई।
विद्यालय को चार सदनों – विरजानंद, दयानंद, श्रद्धानंद एवं विवेकानंद – में विभाजित किया गया है। प्रतियोगिता में सभी सदनों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं:
- विरजानंद सदन द्वारा ‘Maharashtrian Fusion Folk’ नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसमें दीपांशी, साक्षी, यशिता, अन्वी, मंषा, खुशी, सुहान, यश, आदित्य, नमिश एवं अभिषेक आदि छात्रों ने भाग लिया।
- दयानंद सदन ने तमिलनाडु के शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी जिसमें रक्षिता, जन्नत, तन्वी एवं अलीशा ने मनमोहक प्रदर्शन किया।
- श्रद्धानंद सदन ने कश्मीरी संस्कृति की झलक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की जिसमें आंचल, आस्था, हर्षिता और रिद्धिमा ने भाग लिया।
- विवेकानंद सदन ने रानी पद्मावती पर आधारित राजस्थानी लोक कथा को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया, जिसमें प्रियांशी, कनन, अक्षिता और तमन्ना ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में फूला धार , रोमिला कँवर एवं समिति चंदेल शामिल रहीं। प्रतियोगिता में दयानंद सदन एवं विवेकानंद सदन संयुक्त रूप से विजेता घोषित किए गए, जबकि श्रद्धानंद एवं विरजानंद सदन को द्वितीय स्थान प्राप्त
हुआ। इस समारोह में 2024 के मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया तथा उनके अभिभावकों को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रियांशी एवं तान्या ने अंजना के मार्गदर्शन में किया।
प्रधानाचार्या ऊषा मित्तल ने अपने उद्बोधन में विद्यालय के इतिहास, मूल्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को नशे से दूर रहने और
जीवन में अनुशासन एवं मेहनत को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना जीत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होता है।
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मुख्य अतिथि Dr. स्वाति बिन्दल गाँधी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और कठिन परिश्रम करने की सीख दी।
उन्होंने शिक्षा को जीवन का सबसे मजबूत हथियार बताया। समारोह के अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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