Home हिमाचल प्रदेश मूसलाधार बारिश से पोल्ट्री फार्म तबाह, 10,000 चूजों की दर्दनाक मौत

मूसलाधार बारिश से पोल्ट्री फार्म तबाह, 10,000 चूजों की दर्दनाक मौत

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ऊना जिले के ग्राम पंचायत धमांदरी के अंतर्गत आने वाले माजरा मंसोह गांव में बुधवार रात हुई भीषण मूसलाधार बारिश ने एक पोल्ट्री फार्म में भारी तबाही मचाई है।

हिमाचल समय, ऊना, 03 जुलाई ।

ऊना जिले के ग्राम पंचायत धमांदरी के अंतर्गत आने वाले माजरा मंसोह गांव में बुधवार रात हुई भीषण मूसलाधार बारिश ने एक पोल्ट्री फार्म में भारी तबाही मचाई है।

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तेज बारिश के कारण खेतों में भरा पानी तेज बहाव के साथ स्थानीय निवासी रणवीर सिंह (पिता राम प्रकाश) के पोल्ट्री फार्म में घुस गया,

जिससे फार्म में मौजूद लगभग 10,000 चूजों की मौत हो गई। इस हादसे से पोल्ट्री मालिक को *करीब 30 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

पीड़ित रणवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में अत्यधिक तेज बारिश हुई और खेतों से पानी निकासी का कोई उचित प्रबंध न होने के कारण पानी का रुख उनके पोल्ट्री फार्म की ओर हो गया।

उन्होंने कहा, “सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं हुआ है, बल्कि इन चूजों की देखभाल और पालन-पोषण में लगाए गए महीनों के मेहनत और परिश्रम पर भी पानी फिर गया है। यह एक बहुत बड़ा झटका है।”

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सक (वेटरनरी डॉक्टर) और स्थानीय पटवारी तुरंत पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया, नुकसान का आकलन किया और आधिकारिक रिपोर्ट तैयार की।

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित परिवार को तुरंत पर्याप्त राहत राशि मुहैया कराई जाए ताकि वह अपना व्यवसाय फिर से शुरू कर सके।

ग्रामीणों ने बताया कि *माजरा मंसोह क्षेत्र में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इस गंभीर मुद्दे को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि वह

जल निकासी की उचित और स्थायी व्यवस्था करे ताकि भविष्य में किसानों और व्यवसायियों को इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले विनाशकारी नुकसान का सामना न करना पड़े।

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यह घटना क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, विशेषकर जल निकासी की कमी और खेती-किसानी व पशुपालन पर मौसम की मार के गंभीर खतरे को एक बार फिर उजागर करती है।

प्रशासन की ओर से पीड़ित को राहत और समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई अभी बाकी है।

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