– प्रदेश में सिर्फ 12,502 छात्रों ने ही कराया पंजीकरण
भूपेंद्र ठाकुर,
30 मई / शिमला।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी बस यात्रा अब नई शर्तों के साथ लागू हो गई है। एचआरटीसी प्रबंधन ने सरकारी स्कूली छात्रों को मिलने वाली मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को अब ‘हिम बस कार्ड’ से जोड़ दिया है। 1 जून 2026 से बिना हिम बस कार्ड या पास के कोई भी छात्र एचआरटीसी बसों में मुफ्त सफर नहीं कर सकेगा। हालांकि, कार्ड बनवाने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 रखी गई है, लेकिन हैरान करने वाला आंकड़ा यह है कि प्रदेश भर में अब तक मात्र 12,502 विद्यार्थियों ने ही हिम बस कार्ड बनवाया है, जबकि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 7 लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं।

पहले पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सामान्य बस पास के आधार पर मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को पूर्णतः डिजिटल करते हुए हिम बस कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, जिन विद्यार्थियों के घर स्कूल से अधिक दूरी पर हैं, वे ही अधिकतर बस पास बनवाते हैं। लेकिन ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में छात्र अब तक आवेदन प्रक्रिया भी शुरू नहीं कर पाए हैं।
कई जिलों के स्कूल एचआरटीसी की वेबसाइट पर नहीं दिख रहे, मंडी-हमीरपुर समेत कई क्षेत्र प्रभावित
विद्यार्थियों के लिए एक और बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। कई जिलों के सरकारी स्कूल एचआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट नहीं होने से छात्र ऑनलाइन आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। मंडी, हमीरपुर समेत कई क्षेत्रों के स्कूल पोर्टल पर दिखाई ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अभिभावक और छात्र परेशान हैं कि बिना स्कूल के नाम पोर्टल पर आए वे कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें। निगम अधिकारियों का कहना है कि संबंधित स्कूलों और जिला कार्यालयों से जानकारी मिलने के बाद स्कूलों को वेबसाइट पर लगातार अपडेट किया जा रहा है।

एचआरटीसी प्रबंधन ने फिलहाल हिम बस कार्ड बनाने की अंतिम तिथि 31 मई बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 1 जून 2026 के बाद भी विद्यार्थी हिम बस कार्ड बनवा सकेंगे, लेकिन जब तक उनका कार्ड नहीं बन जाता और उनके पास वैध पास उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक उन्हें बस में सफर के लिए पूरा किराया स्वयं देना होगा। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों ने प्रशासन से 31 मई की अंतिम तिथि को कम से कम एक माह और बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर कार्ड बनाने की मांग की है। अन्यथा 1 जून से करीब 7 लाख छात्रों को मुफ्त यात्रा सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है।








