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मार्केट कमेटी के शोघी चैक पोस्ट पर सोलन सब्जी मंडी में लहसुन बेचने आ रहे किसानों से ही वसूल किया शुल्क, उठे सवाल

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सोलन सब्जी मंडी में बागा सराहन ग्राम पंचायत के किसान शोघी चैक पोस्ट पर वसूल किए गए शुल्क की पर्ची दिखाते हुए।

हिमाचल समय, सोलन, 11 जून।

शिमला मार्केट कमेटी की कार्यप्रणाली कटघरे में खड़ी हो गई है। किसानों की हितों की रक्षा करने वाली कमेटी ने अब उनसे से शुल्क वसूल करना शुरू कर दिया है।

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मार्केट कमेटी की शोघी चैक पोस्ट में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जिला कुल्लू के निरमंड की बागा सरहान ग्राम पंचायत से सोलन सब्जी मंडी में लहसुन बेचने आ रहे किसानों से चैक पोस्ट

पर करीब 6 फीसदी शुल्क वसूल किया गया है। नियमों के मुताबिक किसानों से इस प्रकार का शुल्क वसूल नहीं किया जा सकता लेकिन जिला कुल्लू से सोलन सब्जी मंडी में लहसुन बेचने के लिए

जा रहे किसानों से 400 से 800 रुपए का शुल्क वसूल किया गया है। मजेदार बात यह है कि शोघी चैक पोस्ट में गाडिय़ों में भरे लहसुन की वैल्यू भी लगा दी जबकि किसानों को भी मालूम नहीं है कि

सोलन सब्जी मंडी में उनका लहसुन कितने रूपए किलो के हिसाब से बिकेगा। इस वैल्यू के आधार पर ही शुल्क वसूल किया गया है।

बागा सराहन ग्राम पंचायत से चार गाडिय़ों में किसान अपना लहसुन ले जा रहे थे। एक गाड़ी के लहसुन की वैल्यू 13,300 रुपए आंकी गई ।

इस पर 800 रुपए का शुल्क वसूल किया गया जबकि दूसरी गाड़ी में भरे हुए लहसुन की वैल्यू 6600 रुपए आंकी गई। इस पर 400 रुपए का शुल्क लगा है।

इसी तरह ही अन्य दो गाडिय़ों के लहसुन की वैल्यू निकाली गई है। सोलन सब्जी मंडी में पहुंचे किसानों ने इसका विरोध किया।

उनका कहना था कि वे पिछले कई वर्षों से सोलन सब्जी मंडी में नकदी फसलें लेकर आ रहे हैं लेकिन शोघी सब्जी मंडी में उनसे पहली बार शुल्क वसूल किया गया है।

किसानों की माने तो अगले सप्ताह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का उनके क्षेत्र में दौरा प्रस्तावित है और वे इस मामले को उनके समक्ष उठाएंग

किसानों का कहना था कि पहले ही उन्हें पिछले वर्ष की तुलना में लहसुन का आधा रेट मिल रहा है। इसके अलावा खराब बीज के कारण लहसुन की उनकी फसल बर्बाद हो गई है।

300 से साढ़े तीन सौ रुपए प्रतिकिलो लहसुन का बीज खरीदने के बावजूद इस बार पिछले वर्ष की तुलना में आधा उत्पादन हुआ है।

किसान पहले ही अच्छे रेट न मिलने तथा लहसुन के कम उत्पादन के कारण पहले ही परेशान है और अब इस प्रकार के शुल्क की वसूली से उनकी और परेशानी बढ़ा दिया है।

बागा सराहन ग्राम पंचायत के हमीरदास का कहना है कि उनसे अपने लहसुन का शुल्क वूसल किया गया है।

मार्केट कमेटी यह बताए किस नियम के तहत 800 रुपए की वसूल किए गए। पिछले वर्ष भी लहसुन लेकर सोलन सब्जी मंडी आए थे।

इस बार लेकर आए तो शोघी चैक पोस्ट पर शुल्क वसूल किया गया। बागा सराहन ग्राम पंचायत के ईश्वर ठाकुर ने बताया कि उनसे 400 रुपए का शुल्क वसूल किया गया है।

हैरानी की बात यह है कि किसानों को अपने खेतों के लहुसन का शुल्क देना पड़ रहा है। पहले तो ऐसा कोई नियम नहीं था। पहले ही लहसुन के उन्हें रेट नहीं मिल रहा है।

खराब बीज के कारण लहसुन की फसल बर्बाद हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में लहसुन का आधा उत्पादन हुआ है। किसान को बड़ा आर्थिक नुक्सान हुआ है। अब शुल्क भी देना पड़ रहा है। किसान अपनी किससे शिकायत करें।

ग्राम पंचायत मार्केट बोर्ड को इसके खिलाफ भेजेगी प्रस्ताव – प्रेम ठाकुर

बागा सराहन ग्राम पंचायत के प्रधान प्रेम ठाकुर ने इसका कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी किसानों से इस प्रकार से शुल्क वसूल नहीं कर सकती।

ग्राम प्रंचायत से इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर मार्केट बोर्ड को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने ग्राम पंचायतों के किसानों से शिकायत मिली कि शोघी चैक पोस्ट पर उनसे लहसुन का

शुल्क वसूल किया गया । मार्केट कमेटी को किसानों व व्यापारी के अंतर को समझना होगा। पिकअप में लोड होकर जा रही

सब्जी जरूरी नहीं है कि व्यापारी की हो। किसान भी सब्जियां पिकअप या फिर अन्य वाहनों के माध्यम से सब्जी मंडी तक पहुंचाता है।

किसानों को कृषि प्रमाण पत्र की कॉपी रखनी होगी साथ – डा. पवन सैनी

शिमला मार्केट कमेटी के सचिव डा. पवन सैनी ने बताया कि किसानों को कृषि प्रमाण पत्र व जमीन जमाबंदी की कॉफी साथ रखनी होगी।

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इससे किसान की पहचान का पता चलेगा। निरमंड की बागा सराहन ग्राम पंचायतों से लहसुन लेकर जा रही चार गाडिय़ों से यह शुल्क वसूल किया गया है।

लहसुन लेकर जा रहे किसानों ने सम्बन्धित प्रमाण पत्र नहीं दिखाए। इसके कारण यह कार्रवाई की गई। दूसरी ओर किसानों का कहना है कि उनसे ऐसे कोई प्रमाण पत्र नहीं मांगे गए।

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