शहरी यूनियन राज्य इकाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर करेगी कार्य

#शिमला शिमला शहरी निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने सभी निजी बस ऑपरेटर से विचार-विमर्श करके यह फैसला लिया है कि हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर यूनियन की राज्य इकाई निजी बस ऑपरेटरो के हित में सराहनीय कर कर रही है और निकट भविष्य में भी शहरी यूनियन राज्य इकाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी और शिमला शहरी यूनियन शहर के ऑपरेटरो की समस्याए सुलझाने और उन समस्याओ को विभाग एवं सरकार के समक्ष उठाने में स्वयं सक्षम है, शिमला शहरी यूनियन किसी की बैसाखी का सहारा बनने की इच्छुक नहीं है तथा शिमला शहर के निजी बस ऑपरेटर किसी भी जिला यूनियन के साथ संबंधित नहीं है और शिमला शहर की यूनियन अपने आप में एक स्वतंत्र यूनियन है। यहाँ जारी एक ब्यान में शिमला शहरी निजी बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष कमल ठाकुर और महासचिव सुनील चौहान दीदु ने कहा है कि अब शहर के निजी बस ऑपरेटर बस चलाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के निजी बस ऑपरेटरो ने सरकार के निर्देशानुसार बसे चलाने का फैसला किया था लेकिन कुछ ऑपरेटरों की बसें अभी तक भी नहीं चल रही है तथा मात्र 40% बसें सड़कों पर दौड़ रही है 60% बसों के न चलने का कारण सवारिया ना होना तथा डीजल एवं अन्य चीजों में लगातार बढ़ रही महंगाई है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा टैक्स माफ़ी पर कोई फैसला ना किए जाने के कारण निजी बस ऑपरेटर परेशान है, निकट भविष्य में यदि टैक्स माफ किया जाता है तभी शहर के निजी बस ऑपरेटर अपने आप को बस चलाने के लिए थोड़ा सा सक्षम महसूस करेंगे। उन्होंने कहा है कि शहरी बस ऑपरेटर यूनियन ने प्रदेश के सभी निजी बस ऑपरेटरो से विचार-विमर्श करके कई बार अपने मांग पत्र में 31 मार्च 2021 तक टैक्स माफी करने की मांग की है लेकिन सरकार द्वारा अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। शिमला शहर में परिवहन सुविधा देने के लिए निजी बस ऑपरेटरों का महत्वपूर्ण योगदान है और शहर के निजी बस ऑपरेटर अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए तथा जनता को सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास प्रयासरत रहते हैं। लेकिन अब स्थिति यह है कि प्रदेश का निजी बस ऑपरेटर जहां बैंक का लगातार डिफाल्टर होता जा रहा है वही अपने घर की रोजी रोटी बचाना भी बहुत मुश्किल हो गया है। हिमाचल प्रदेश में दूसरी तरफ परिवहन सेवा दे रहा हिमाचल पथ परिवहन निगम कोरोना काल के दौरान ₹272 करोड़ रूपये के घाटे से जूझ रहा है, जिसकी पुष्टि स्वयं परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने की है। उन्होंने कहा कि शहर के निजी बस ऑपरेटरो को पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश सरकार निजी बस ऑपरेटरों के हित में आने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में अवश्य ही टैक्स माफी पर विचार विमर्श करेगी। उन्होंने सरकार द्वारा घोषित किए गए वर्किंग कैपिटल की राशि को शीघ्र जारी करने की अपील भी।

शहरी यूनियन राज्य इकाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर करेगी कार्य